
आज ‘शहीद दिवस’ के पावन अवसर पर भवानी सेना संघ द्वारा अमर शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के चरणों में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संघ के प्रमुख एस. के. गुप्ता (सोनू भैया) ने इस अवसर पर युवाओं के नाम एक विशेष संदेश जारी किया और देश के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराई।
सोनू भैया ने कहा:
“आज का दिन मात्र एक तिथि नहीं है, बल्कि हमारे देश के उन महान सपूतों के साहस और बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने हँसते-हँसते फाँसी के फंदे को चूम लिया ताकि हम एक स्वतंत्र भारत में सांस ले सकें। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने आजादी की लड़ाई के समय थे।”
सोनू भैया के संबोधन के मुख्य बिंदु:
युवाओं का मार्गदर्शन: उन्होंने आह्वान किया कि आज के युवाओं को केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
राष्ट्र प्रथम की भावना: भवानी सेना संघ का मूल मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ है। सोनू भैया ने जोर दिया कि शहीदों के सपनों का भारत तभी बनेगा जब समाज का हर वर्ग जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश के लिए काम करेगा।
समाज सेवा का संकल्प: इस अवसर पर संघ द्वारा विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर और वृक्षारोपण कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, ताकि शहीदों की स्मृति को रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जा सके।
भवानी सेना संघ प्रमुख ने अंत में कहा कि “इंकलाब जिंदाबाद” केवल एक नारा नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध उठने वाली एक निरंतर आवाज है। हम संकल्प लेते हैं कि हम इन महान क्रांतिकारियों के पदचिह्नों पर चलते हुए देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
इस अवसर पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने “भारत माता की जय” और “शहीद जवान अमर रहें” के नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।


