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खरीफ बुआई में इस साल तेजी, अब तक 932.93 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है बुआई: कृषि राज्य मंत्री

देश में खरीफ फसलों की बुआई ने इस साल अच्छी रफ्तार पकड़ी है. 1 अगस्त 2025 तक कुल 932.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सीजन की बुआई हो चुकी है. जब कि पिछले साल के इसी समय के मुकाबले ज्यादा है, जब 887.97 लाख हेक्टेयर में खेती हुई थी. इसका मतलब यह है कि इस साल किसान फसलों की बुआई तेजी से कर रहे हैं.

दिल्ली : देश में खरीफ फसलों की बुआई ने इस साल अच्छी रफ्तार पकड़ी है. कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि मानसून की प्रगति और पूरे देश में इसके फैलाव के साथ सभी प्रमुख खरीफ फसलों की सामान्य बुआई रिपोर्ट की गई है. मंत्री ने बताया कि 1 अगस्त 2025 तक खरीफ सीजन 2025 में खाद्यान्न, तिलहन और वाणिज्यिक फसलों को मिलाकर कुल 932.93 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई हो चुकी है.

पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अधिक है, जब कुल 887.97 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी. इसका साफ मतलब है कि इस बार किसान अधिक एक्टिव हैं और बुआई का रकबा बढ़ा है.

 

4 अगस्त तक देश में 500.8 मिमी बारिश दर्ज

कृषि राज्य मंत्री ने बताया कि 1 जून से 4 अगस्त 2025 के बीच देश में कुल 500.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. यह सामान्य 481.9 मिमी के मुकाबले 4 फीसदी अधिक है. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि बारिश का वितरण असमान रहा है. दक्षिण, मध्य और पश्चिम भारत में जल्दी बुआई शुरू हो गई, जबकि पूर्वी, पूर्वोत्तर और कुछ दक्षिणी राज्यों में बुआई में थोड़ी देरी हुई है. उन्होंने आगे कहा कि खरीफ 2025-26 के लिए बुआई का कार्य अभी जारी है और कृषि वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) के लिए प्रमुख खरीफ फसलों का पहला अग्रिम अनुमान अब तक जारी नहीं किया गया है.

खरीफ सीजन में कौन से फसल आते हैं?

खरीफ सीजन में मुख्य रूप से धान , मक्का, बाजरा, ज्वार, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, और अरहर जैसी फसलें उगाई जाती हैं. इसके अलावा, खरीफ सीजन में तिल, उड़द, मूंग, और जूट जैसी फसलें भी उगाई जाती हैं. खरीफ फसलें आमतौर पर मानसून के मौसम में उगाई जाती हैं, जो जून से जुलाई में शुरू होती है और सितंबर से अक्टूबर तक चलती है. इन फसलों को उगाने के लिए हाई टेंपरेचर और हाई ह्यूमिडिटी की जरूरी होती है.

 

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